उत्तर प्रदेश में प्राइमरी स्कूल बंद होने का सच: सरकारी आंकड़े, विपक्ष के दावे और स्टैटिस्टिकल एनालिसिस
शिक्षा नीति उत्तर प्रदेश में प्राइमरी स्कूल बंद होने का सच: सरकारी आंकड़े, विपक्ष के दावे और स्टैटिस्टिकल एनालिसिस thepointblankofficial.in • अपडेटेड: अगस्त 2026 उत्तर प्रदेश में सरकारी प्राइमरी स्कूलों के बंद होने या दूसरे स्कूलों में "मर्ज" किए जाने का मुद्दा पिछले कुछ वर्षों से लगातार सुर्खियों में है। विपक्ष लाखों बच्चों के नामांकन घटने का दावा करता है, तो सरकार इसे सिर्फ "युक्तिकरण" (rationalisation) बताती है। इस रिपोर्ट में हमने सरकारी बयानों, विधानसभा के आंकड़ों, UDISE+ डेटा और स्कूल-मर्जर पर हुई स्वतंत्र रिसर्च — इन सबको साथ रखकर आंकड़ों और हकीकत दोनों को परखा है। 1. दोनों पक्षों के दावे — मुख्य आंकड़े 26,386 अखिलेश यादव का दावा — 10 साल में बंद हुए स्कूल (अगस्त 2026) 27,764 मायावती का दावा — कम-नामांकन वाले बंद/मर्ज स्कूल (नवंबर 2024) 28 लाख+ विपक्ष के अनुसार घटा हुआ कुल छात्र नामांकन 62,000 विपक्ष के अनुसार घटे सरकारी शिक्षक पद समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने अगस्त 2026 में दावा किया कि भाजपा सरकार बनने के बाद बीते दस वर्षों में प्रदेश के 26,386 स...